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02 सितंबर 2015

दिल्ली में RSS-BJP की मीटिंग, मोदी सरकार के मंत्रियों ने दिया प्रजेंटेशन

फाइल फोटो- संघ प्रमुख मोहन भागवत।
फाइल फोटो- संघ प्रमुख मोहन भागवत।
नई दिल्ली. दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और बीजेपी नेताओं की को-ऑर्डिनेशन कमेटी की मीटिंग चल रही है। मीटिंग के पहले दिन बुधवार को मोदी सरकार के मंत्रियों ने प्रजेंटेशन दिया। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान से बातचीत और बांग्लादेश से बॉर्डर एग्रीमेंट को लेकर जानकारी दी। सुषमा के अलावा कई और मंत्रियों ने अपने कामकाज की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि मीटिंग में आखिरी दिन पीएम नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे।
उठा मंदिर निर्माण का मुद्दा
तीन दिन तक चलने वाली इस बैठक की शुरुआत में ही विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने राम मंदिर का मुद्दा उठाया। VHP नेताओं ने सरकार से कहा है कि राम मंदिर के मुद्दे पर लोगों के बीच गलत मैसेज जा रहा है, इसलिए सरकार को इस पर पॉजिटिव तरीके से आगे बढ़ना चाहिए, जिससे लोगों में कोई गलतफहमी न रहे। खास बात यह है कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता और मार्गदर्शक मंडल के सदस्य लालकृष्ण आडवाणी बैठक से नदारद दिखे।
कौन-कौन शामिल हुआ बैठक में?
दिल्ली के वसंत कुंज स्थित मध्यांचल भवन में हो रही इस बैठक के पहले दिन गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह,रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज शामिल हुईं। बैठक में संघ के बड़े पदाधिकारियों सहित संघ प्रमुख मोहन भागवत भी शामिल हैं।
OROP पर सरकार ही लेगी कोई फैसला
RSS और BJP की कॉर्डिनेशन कमेटी की पहले दिन की बैठक खत्म हो गई। इस बारे में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने बताया कि बैठक में सरकार के काम काज की कोई समीक्षा नहीं की गई और न ही राम मंदिर जैसे मसलों पर चर्चा हुई। राम माधव ने यह भी कहा कि मीटिंग में वन रैंक वन पेंशन पर भी कोई बातचीत नहीं हुई। उन्होंने साफ कहा कि वन रैंक वन पेंशन का मुद्दा पूरी तरह नीतिगत है और सरकार इस पर अपना काम कर रही है, राम माधव बोले कि OROP पर सरकार ही फैसला लेगी। राम माधव ने कहा कि बैठक में कुछ मुद्दों पर बात जरूर हुई, लेकिन इनमें वन रैंक, वन पेंशन और राम मंदिर जैसे मामले शामिल नहीं हैं।
विपक्ष बोला मोदी सरकार का अप्रेजल हो रहा है?
बीजेपी-आरएसएस की को-ऑर्डिनेशन कमिटी की बैठक पर विपक्षी दलों ने निशाना साधा है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अबदुल्ला ने ट्वीट किया है। उमर ने लिखा कि 'तो आरएसएस मोदी सरकार के प्रदर्शन का 3 दिन तक अप्रेजल करेगी, क्या कोई अब भी ये बताना चाहता है कि ये आरएसएस कोई सामाजिक संगठन है।' आपको बताते चलें कि अप्रेजल वह प्रक्रिया होती है जिसमें कोई संस्था या कंपनी अपने कर्मचारियों के काम का मूल्यांकन कर उनके काम की सराहना या आलोचना करते हुए वेतन और भत्तों में बढोतरी या कमी करती है।
पीएम देश के प्रति जवाबदेह, RSS के प्रति नहीं
आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष ने भी बीजेपी-संघ की को-ऑर्डिनेशन कमिटी की बैठक में पीएम के शामिल होने पर सवाल उठाए हैं। आशुतोष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि आरएसएस एक ऐसी संस्था है जिसका महात्मा गांधी की हत्या से संबंध है। सरदार पटेल ने इसपर प्रतिबंध लगा दिया था जिसके बाद गुरु गोलवलकर ने सरदार पटेल से चिट्ठी लिखकर कहा कि संस्था से बैन हटाया जाए। इस पर पटेल ने कहा कि प्रतिबंध तब हटेगा जब आप 3 शर्तें मानेंगे- संविधान को मानेंगे, तिरंगे को सैल्यूट करेंगे और संघ कभी राजनीति नहीं करेगा। जब इन्होंने लिखित में मानने का वादा किया तब संघ से बैन हटा था, लेकिन आज संघ राजनीति में खुलकर शिरकत कर रहा है। आशुतोष ने कहा कि एक गैर संवैधानिक संस्था के प्रति पीएम क्यों जवाबदेह हो रहे है, जबकि वे देश और उसकी संसद के प्रति जिम्मेदार हैं।

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में उर्दू खत्म करने की साज़िश

तहरीक ऐ उर्दू राजस्थान के आह्वान पर राजस्थान के सरकारी स्कूलों में उर्दू खत्म करने की साज़िश के खिलाफ उर्दू ज़ुबान के दो लाख से भी ज़्यादा हमदर्द आज कोटा की सड़को par ख़ामोशी से अपना विरोध प्रदर्शन कर राजस्थान के सबसे बढ़े अनुशासित ,,खामोश जुलुस प्रदर्शन का एक इतिहास बना गए ,,,,राजस्थान सरकार ने पिछले दिनों स्टाफिंग पैटर्न के नाम पर उर्दू ,,संस्कृत ,,पंजाबी ,,सिंधी विषय के स्कूलों में पढ़ने वाले दस बच्चो की संख्या के नियम के बाद भी इस नियम की अनदेखी कर उर्दू को टारगेट बनाकर राजस्थान के सात सो से भी अधिक स्कूलों में उर्दू खत्म कर वहां तैनात उर्दू अध्यापको को दूर दराज़ इलाक़ो में दूसरे विषय पढ़ाने के लिए भेज दिया था ,,इस मामले में सरकार की इस मनमानी द्वेषतापूर्ण कार्यवाही के खिलाफ संघर्ष के लिए कोटा शहर क़ाज़ी अनवार अहमद की सरपरस्ती में तहरीक ऐ उर्दू राजस्थान का गठन किया जिसके सरपरस्त कोटा शहर क़ाज़ी अनवर अहमद ,,,कन्वीनर हाफ़िज़ मंज़ूर साहब ,,,को कन्वीनर एडवोकेट अख्तर खान अकेला को बनाया गया जबकि ,, नायब क़ाज़ी ज़ुबेर अहमद ,,,मुज़फ्फर राहीन ,,रईस नवाब ,,फहीम अहमद ,,ज़ाकिर हुसेन ,,इमरान कुरैशी , रफ़ीक बेलियम ,समीउल्ला अंसारी ,,,मोहम्मद शफी ,,,लईक़ अहमद सहित सभी आप और हम को तहरीक का सदस्य बनाया गया ,,तहरीक ऐ उर्दू राजस्थान के कार्यकर्ताओं ने एक जुट होकर स्टाफिंग पैटर्न के नाम पर विधि विरुद्ध उर्दू बंद करने के खिलाफ तथ्यात्मक आवाज़ उठाई ,,तहरीक ऐ उर्दू राजस्थान ने कोटा सहित राजस्थान के स्कूलों में उर्दू की पर्याप्त छात्र संख्या बंद होने के बाद भी उर्दू बंद किये जाने के खिलाफ आंकड़े दिए ,,तहरीक की तरफ से कोटा जिला कलेक्टर ,,जिला शिक्षा अधिकारी ,,शिक्षा निदेशक ,,,गृह मंत्री ,,शिक्षा मंत्री ,,मुख्यमंत्री ,,मुख्यसचिव सहित सभी विधायको ,,सांसद सहित जनप्रतििनिधियो को ज्ञापन दिया ,, शिक्षा निदेशक ने छात्रों स्टफिंग पैटर्न नियमो के तहत फिर से छात्रों की संख्या जिला शिक्षा अधिकारियो की मांगी कोटा सहित राजस्थान के सभी स्कूलों में उर्दू विषय बनाये रखने के लिए पर्याप्त छात्र संख्या थी ,,,,कोटा के जिला शिक्षा अधिकारी ने पर्याप्त छात्र संख्या होने के कारन कोटा के सभी स्कूलों में खत्म की गई उर्दू को फिर से यथावत चालु करने के प्रस्ताव भेजे ,,ज़िलाकलेकटर सहित जिला शिक्षा अधिकारी ने कई स्मरण पत्र भेजे लेकिन कोटा सहित राजस्थान के स्कूलों में अब तक नियमों में प्रावधान के बाद भी उर्दू विषय यथावत कर अध्यापको की नियुक्ति पूर्ववत नहीं की गई ,,,राजस्थान लोक सेवा आयोग ने दो सो इक्कीस लेक्चरर्स को चयनित कर नियुक्ति के लिए सूचि भेजी है लेकिन शिक्षा विभाग ने उर्दू के आलावा दूसरे सभी विषयो में नियुक्तियां दे दी है और उर्द के चयनित लेक्चर्रर्स को आज तक भी नियक्तियां नहीं दी है ,,जिन स्कूलों में बच्चे उर्दू पढ़ना चाहते है या दस से अधिक बच्चे उर्दू के है वहां भी विधि नियम के तहत सर्वे कराकर उर्दू नहीं खोली जा रही है ,,तहरीक ऐ उर्दू राजस्थान के सरपरस्त अनवार अहमद के दिशा निर्देशानुसार को कन्वीनर अख्तर खान अकेला ,,मुज़फर राहीन ,,ज़ाकिर हुसेन ,,खलील इंजीनियर ,,जमील अहमद एडवोकेट सहित सभी लोग ज्ञापन देते रहे ,,फिर से उर्दू के साथ इंसाफाना सुलूक कर उर्दू विषय को बहाल करने की मांग करते रहे ,,आखिर धैर्य और संयम की सीमा समाप्त हुई उर्दू के हक़ के संघर्ष के लिए तानाशाह सरकार के खिलाफ मजबूरी में एक विशाल प्रदर्शन का फैसला लेना पढ़ा ,,चूंकि तहज़ीब की जुबांन उर्दू के हक़ का संघर्ष था इसलिए तहज़ीब के दायरे में संघर्ष का फैसला लिया गया दो सितमबर बुधवार को सुबह नो बजे तहज़ीब के दायरे के खामोश रैली खामोश प्रदर्शन का फैसला लिया गया ,,उर्दू के हमदर्दो से अपील की गई खास ड्रेस कोड में अनुशासित तरीके से आने का आह्वान किया गया ,,दूसरे समाज ,,धर्म मज़हब से जुड़े लोगों को भी साथ आने का आह्वान किया ,,,लोकतांत्रिक तरीके से संविधान की इस उर्दू जुबां के हक़ संघर्ष के लिए इन्साफ की मांग को लेकर स्टफिंग पैटर्न के पूर्व सभी स्कूलों में उर्दू यथावत रखने ,,सभी शिक्षको को पूर्ववत स्कूलों में नियुक्त कर स्कूल में पढ़ रहे उर्दू विषय लेने वाले बच्चो को उर्दू पढ़वाने ,,,,नए स्कूलों में छात्र संख्या के आधार पर उर्दू विषय खोलने ,,लोकसेवा आयोग से चयनित लेक्चरर्स को नियुक्ति देने की मांग को लेकर आंदोलन के एक दिन पहले एक सितमबर की आधी रात तक वार्ता का सिलसिला जारी रखा ,,सरकार ने उर्दू मामले में जिला शिक्षा अधिकारीयों के प्रस्ताव के बाद भी जब उर्दू के साथ इन्साफ नहीं किया तो मजबूरी में उर्दू के हमदर्दो को एक विशाल खामोश प्रदर्शन करना पढ़ा ,,कोटा की सड़को पर मल्टीपर्पस स्कूल से कलेक्ट्रेट तक सिर्फ और सिर्फ उर्दू के हमदर्दो का जमावड़ा था ,,,दो लाख से भी ज़्यादा की भीड़ लेकिन अनुशासित ,,खामोश ,,चली जा रही थी ,,,मल्टीपर्पस स्कूल में वाहनो की विशेष व्यवस्था थी तो ,,भीड़ में किसी के अचानक बीमार होने की संभावना को देखते हुए चार डॉक्टर ,,एम्बुलेंस ,,दवाये और प्राथमिक चिकित्सा के सभी साधन साथ थे ,,, जुलुस की शुरुआत से लेकर कलेक्ट्रेट तक लाखो लोगों के लिए पानी का इंतिज़ाम था भीड़ देखकर कोटा प्रशासन और कोटा की जनता हैरान थी ,,,जुलुस के बाद तहरीक ऐ उर्दू राजस्थान की तरफ से जिला कलेक्टर के ज़रिये एक बार फिर मुख्यमंत्री के नाम उर्दू के हक़ की विधिक माँगो को लेकर ज्ञापन सौंपा गया ,,ज्ञापन देने वालों में तहरीक ऐ उर्दू राजस्थान के सरपरस्त कोटा शहर क़ाज़ी अनवार अहमद ,,,कन्वीनर हाफ़िज़ मंज़ूर साहब ,,को कन्वीनर अख्तर खान अकेला ,,मौलाना फज़ले हक़ ,,डॉक्टर आज़म बेग ,,नईमुद्दीन गुड्डू ,,,,अलाउद्दीन अशर्फी सहित कई लोग शामिल थे ,,,,,,,कोटा शहर क़ाज़ी ने साफ तोर पर कहा के उर्दू के साथ ना इंसाफी बर्दाश्त नहीं की जायेगी उर्दू के हक़ संघर्ष और सभी स्कूलों में उर्दू पूर्ववत रख कर अध्यापको को नियुक्त करने ,,,,नए नामांकन के दस बच्चो के आधार पर उर्दू खोलने ,,,,, राजस्थन लोक सेवा आयोेग से चयनित ,,,,दो सो इक्कीस लेक्चरर्स की नियुक्ति करने तक यह आंदोलन जारी रहेगा ,,अनवार अहमद ने कहा के तहरीक का आंदोलन आगे दूसरे ज़िलों में भी फैलाया जाएगा और उर्दू के हमदर्दो का यह संयुक्त संघर्ष उर्दू को हक़ मिलने तक जारी रहेगा ,,,,,,,,जुलुस में मोहनलाल राव ,,व्रह्ममानन्द शर्मा ,,पंकज मेहता ,,,राजाराम कर्मयोगी ,,,,कैलाश बंजारा ,,रविन्द्र त्यागी , महेंद्र नेह ,,नागेन्द्र कुमावत , सलीम अब्बासी ,,आबिद कागज़ी ,,मंज़ूर तंवर ,सहित सभी उर्दू के हमदर्द थे जो अपने अपने धर्म रिवाज के हिसाब से जुलुस में शमिल थे ,,बोहरा समाज से जुड़े लोग भी इस प्रदर्शन में शामिल थे ,,,,तहरीक ऐ उर्दू राजस्थान के सरपरस्त अनवार अहमद ,,कन्वीनर हाफ़िज़ मंज़ूर ,,,को कन्वीनर अख्तर खान अकेला सहित पूरी टीम ने कोटा शहर के उर्दू के हमदर्दो का इस अनुशासित ऐतिहासिक रैली के लिए शुक्रिया अदा किया है ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
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